★ मजेदार शायरी 🤩😍🤩
आगरा के साहित्यकार अमृत लाल चतुर्वेदी के पड़ोस में एक अनपढ़ व्यक्ति रहता था जो गाहे-बगाहे अपने परिवार के पत्रों को पढ़वाने के लिए उनके पास आता रहता था. उस अनपढ़ के परिवार का एक सदस्य झांसी में रहता था और थोड़ा पढ़ा लिखा था. उसे तुकबंदी की भयंकर आदत थी. पत्र भी वह तुकबंदी में ही लिखता था. एक बार उसी व्यक्ति का लिखा पोस्टकार्ड लेकर वह अनपढ़ व्यक्ति पत्र पढ़वाने चतुर्वेदी जी के पास पहुँचा. पत्र में दोहा लिखा था
सिद्धि श्री झांसी लिखी राम-राम प्रिय भात।
अत्र कुशलं तत्रास्तु, भैया मरि गए रात।।
2👉 हसीनों से मिलें नज़रें अट्रैक्शन हो भी सकता है, चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है, हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना, ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है..!!
3👉 यहां खुदा है, वहां खुदा है, आस पास खुदा ही खुदा है, और जहां खुदा नहीं है, वहां कल खुदेगा ।
4👉जिंदगी में सिर्फ ‘पाना’ ही सबकुछ नहीं होता, उसके साथ नट-बोल्ट भी चाहिए ।
5👉वो इश्क़ मे यारो कमाल कर बैठी लिख कर “I love you” send to all कर बैठी!!!
6👉पत्नी अर्धांगिनी होती है, इसलिए उसे आधी जानकारी ही दें, जीवन के आधे कष्ट कम हो जायेंगे....
7👉कौन ‘कमबख्त’ कहता है, लड़के सोचते कम हैं . . . . . . . . लड़की एक बार मुस्करा कर तो देखे शेरवानी के रंग से लेकर बच्चों तक के नाम सोच लेते हैं।
8👉लड़कियो को HOT बोल बोल ke बेमतलब सूर्य देवता से पंगा ले लिया अब वो पूछ रहे है कि अब बता HOT कौन ???
★ ये चुटकुला सिर्फ मजे के लिए हैं।
हसते रहे...........😀😀
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